Thursday, July 16

जैन समाज के संत, साधु-साध्वियों एवं समाजसेवियों के लिए स्वर्णिम अवसर : नासिक में भव्य अंतरराष्ट्रीय गौरव समारोह का आयोजन

नासिक, प्रतिनिधि। देशभर के जैन समाज के विभिन्न पंथों के संत, साधु-साध्वियां, आचार्य, संत-महात्मा तथा धर्मप्रभावना, शिक्षा, जीवदया, मानव कल्याण एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों के सम्मान हेतु एक भव्य अंतरराष्ट्रीय गौरव समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष आयोजन के अंतर्गत 7 अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के माध्यम से मानद डॉक्टरेट (Honorary Doctorate) एवं भारत गौरव सम्मान प्रदान किए जाएंगे।

धर्म, अध्यात्म, समाज जागरण और मानव सेवा के क्षेत्र में 18 वर्ष या उससे अधिक समय से उत्कृष्ट कार्य करने वाले संतों, साधु-साध्वियों, आचार्यों एवं समाजसेवियों को इस सम्मान हेतु नामांकित किया जा सकेगा। जैन समाज के सभी 36 पंथों के प्रतिनिधियों को इस आयोजन में सहभागिता हेतु आमंत्रित किया गया है।

कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं

इस भव्य समारोह में 7 प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों द्वारा मानद डॉक्टरेट सम्मान प्रदान किया जाएगा। साथ ही भारत गौरव सम्मान एवं राज्य गौरव सम्मान से भी विशिष्ट व्यक्तित्वों को अलंकृत किया जाएगा।

कार्यक्रम का देशभर में लाइव टेली-कास्ट किया जाएगा, जिसके माध्यम से सम्मानित व्यक्तियों की उपलब्धियां 50 लाख से अधिक दर्शकों तक पहुंचेंगी। यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर जैन समाज एवं समाजसेवा के क्षेत्र में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा।

आयोजकों के अनुसार, यह मानद डॉक्टरेट केवल सामाजिक सम्मान एवं मान्यता के उद्देश्य से प्रदान किया जा रहा है तथा इसका कोई शैक्षणिक अथवा अकादमिक मूल्य नहीं होगा।

नामांकन की अंतिम तिथि

इच्छुक संत, साधु-साध्वियां, आचार्य एवं समाजसेवी अपने नामांकन 25 जून 2026 तक प्रस्तुत कर सकते हैं।

भव्य सम्मान एवं दीक्षांत समारोह

यह समारोह 5 जुलाई 2026, प्रातः 10:00 बजे होटल रॉयल हेरिटेज में आयोजित किया जाएगा।

समारोह में डायमंड, प्लेटिनम, गोल्ड एवं सिल्वर श्रेणियों के अंतर्गत सम्मान, प्रमाणपत्र, विज्ञापन प्रकाशन, स्वास्थ्य उत्पाद तथा राष्ट्रीय स्तर पर विशेष प्रचार-प्रसार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस आयोजन का संचालन Accu Naturo (OPC) Pvt. Ltd. द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम के संस्थापक एवं निदेशक डॉ. अजीत हुकुमचंद बागमार ने देशभर के पात्र संतों, साधु-साध्वियों एवं समाजसेवियों से इस अवसर का लाभ उठाने का आग्रह किया है।

अधिक जानकारी एवं नामांकन के लिए इच्छुक व्यक्ति 98225 92540 पर संपर्क कर सकते हैं।

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